Mangalnaath Pooja Ujjain

Kaal Sarp Dosh Puja की सबसे ज़्यादा मान्यता कहाँ मानी जाती है?

भारत में कई स्थान Kaal Sarp Dosh Puja के लिए प्रसिद्ध हैं, लेकिन सबसे अधिक मान्यता और प्रभाव Ujjain (महाकालेश्वर मंदिर क्षेत्र) में मानी जाती है।

🕉️ 1. Ujjain – Mahakaleshwar Jyotirlinga (सबसे अधिक मान्यता)

उज्जैन को Kaal Sarp Dosh Puja के लिए सर्वोच्च माना जाता है क्योंकि:

✔ यह भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक—महाकालेश्वर का स्थान है

भगवान महakal काल (समय) के देवता हैं, इसलिए
Kaal Sarp Dosh का निवारण महाकाल की नगरी में सबसे प्रभावी माना जाता है।

✔ शिव स्वयं नागों को अपने गले में धारण करते हैं

इसलिए यहाँ नाग दोष, कालसर्प दोष व पितृ दोष की पूजा विशेष प्रभावशाली मानी जाती है।

✔ उज्जैन का स्थान ‘काल भैरव’ और ‘कपालेश्वर’ का क्षेत्र है

यह स्थान ग्रह-नक्षत्र, पितृदोष और कालदोष को शांत करने के लिए सर्वोत्तम माना गया है।

✔ उज्जैन में पारंपरिक पद्धति से 2–3 घंटे की विशेष Kaal Sarp Puja होती है

ब्राह्मण वेदिक विधि से—

  • राहु–केतु शांति
  • नागबली
  • पितृ शांति
  • काला सर्व दोष निवारण
    कराते हैं।

इसीलिए उज्जैन को नंबर 1 माना जाता है।

🕉️ 2. Trimbakeshwar (Nashik)

इसका स्थान दूसरा है।

✔ यहाँ नागबली–नारायणबली के लिए प्रसिद्धि है
✔ परंतु Kaal Sarp Dosh मुख्य रूप से उज्जैन में अधिक प्रभावशाली माना जाता है

🕉️ 3. Kalahasti Temple (Tirupati के पास)

यह भी काफी प्रसिद्ध है।

✔ यहाँ राहु–केतु शांति विशेष रूप से होती है
✔ दक्षिण भारत में इसकी मान्यता अधिक है
✔ परंतु उत्तरी भारत के शास्त्रों में उज्जैन की पूजा श्रेष्ठ मानी गई है

स्थानमान्यताकारण
Ujjain (Mahakaleshwar Jyotirlinga)⭐⭐⭐⭐⭐ (सबसे अधिक)महाकाल भूमि, नाग शांति, कालभैरव क्षेत्र
Trimbakeshwar⭐⭐⭐⭐नागबली के लिए प्रसिद्ध
Kalahasti⭐⭐⭐राहु–केतु शांति

👉 Kaal Sarp Dosh Puja के लिए सबसे ज्यादा प्रभाव उज्जैन की पूजा को ही माना गया है।

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